16 June 2011

जादू के स्‍कूल का पहला दिन।

पता है आज यानी गुरूवार 16 जून को मेरा स्‍कूल शुरू हो गया।
एक दिन मम्‍मा-पापा मुझे एडमीशन कराने ले गए थे। उस दिन मैं स्‍कूल में ख़ूब खेला था। और जब भी वहां से निकलता तो मम्‍मा याद दिलाती कि जादू यहीं स्‍कूल में आने वाला है जल्‍दी ही।

और आखिरकार वो दिन आ ही गया।
मम्‍मा-पापा दोनों ने मेरे पहली-पहली बार स्‍कूल जाने वाले दिन छुट्टी ली।
और ख़ूब अच्‍छे से तैयार किया।

एक छोटा-सा बैग। वॉटर-बॉटल। टिफिन। एक जोड़ी कपड़े और डायपर।
इतनी सारी चीज़ें लेकर मैं स्‍कूल गया था।

मम्‍मा ने स्‍कूल ले जाने से पहले मुझे गले भी लगाया। मम्‍मा इस दिन का कितनी बेसब्री से इंतज़ार कर रही  थीं। उन्‍होंने तो मुझे 'स्‍कूल' बोलना भी सिखा दिया था। जब भी पूछतीं जादू कहां जाएगा तो मैं कहता--उक्‍कूल। (स्‍कूल)
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मेरे स्‍कूल जाने से पहले बारिश हो रही थी। अचानक रूक गयी। मुझे स्‍कूल जाना था ना इसलिए।
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गाड़ी में मैंने बहुत मज़े किये। पापा ने साइड-मिरर में मेरी तस्‍वीर भी ले ली चुपके से।
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देखिए ये रहा मेरा स्‍कूल। यहीं मैं पी.जी. (प्‍ले ग्रुप) करने वाला हूं।
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ठीक साढ़े ग्‍यारह बजे मैं और मम्‍मा क्‍लास में गये। असल में तीन दिन तक मम्‍मा को भी मेरे साथ क्‍लास में रूकना है। सबकी मम्‍मा आईं। और हम सब बच्‍चे क्‍लास में toys से खू़ब खेले। टिफिन भी खाया।

और poem भी सीखी। twinkle twinkle little star. और मछली जल की रानी है। a.b.c.d. भी सीखा। बड़ा मज़ा आया।



मम्‍मा तो मेरे साथ क्‍लास में चली गयीं। पापा क्‍या करते। इसलिए पापा मेरे स्‍कूल के आसपास ही टहलते रहे। इस दौरान उन्‍होंने कुछ फोटोज़ खींचे। ये रही बर्ड की फोटो। चिया चिया बर्ड बर्ड। 
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और ये रहा crow. स्‍कूल के कंपाउंड में पेड पर बैठा था ये।

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और ये डॉगी तो मेरे स्‍कूल की गाड़ी के नीचे सो रहा था।
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और ये रहा flower.

 

 

 

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जब पापा लौटकर आए तो मैं एलीफेन्‍ट की सवारी कर रहा था। 
 
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और इसके बाद horse की सवारी भी की।

 

और गिर भी गया। पर रोया नहीं।
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तो ये था स्‍कूल में मेरा पहला दिन। आपके स्‍कूल का पहला दिन कैसा था।

10 comments:

बी एस पाबला said...

बहुत बढ़िया जादू

खूब पढ़ो, बढ़ो

Archana said...

Jadoo beta mere school ka pahla din to mujhe yaad bhi nahi aur pata karne ka koi jariya bhi nahi ,
par aapke Papa-Mumma ne aapke liye ye sahej diya hai taki aapko hamesha yaad rahe..
aap khub padh likh kar bade bano aur apna aur apne Papa-Mumma ka naam roshn karo aaj ke liye yahi aashirwad..

रंजन (Ranjan) said...

wonderful!! i hope you will adjust well...


i always enjoy reading about you..

love you.

रावेंद्रकुमार रवि said...

बहुत बढ़िया!

माधव( Madhav) said...

शुभ्क्क्म्नाए

Ravi said...

har khushi ho wahan,tu jahan bhi rahe,
jindagi ho wahan,tu jahan bhi rahe

Dr Neerja Arun said...

Bahut i Badhia.. Bas badhte rahiye aage. Is PG se us PG tak....

प्रवीण पाण्डेय said...

जादूजी तो छा गये, इतना प्यारा स्कूल।

pratima sinha said...

क्या बात है.....!!अब तो स्कूल में ‘जादू’ होगा...आबरा का डाबरा... सब हो जाओ तैयार...होशियार...!

सैयद | Syed said...

शुभकामनाएँ :)

जादू क्‍यों

हम हैं जादू के मम्‍मी-पापा ।
'जादू' अपनी मुस्‍कानें लेकर आया है हमारी दुनिया में ।
हम चाहते हैं कि ये मुस्‍कानें हम दुनिया के साथ बांटें ।

जादुई दिन

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