15 January 2010

जादू ने मनाई मकर संक्रांति और उड़ाई 'जय हो' पतंग

कल मेरी 'लाइफ़' की पहली 'मकर-संक्रांति' थी । सुबह से शोर मचा हुआ था । खिड़की से आवाजें आ रही थीं---'वो काटा', 'अरे खींचो' 'अरे लूटो'....रंगबिरंगी पतंगें उड़ती नज़र आ रही थीं । सुबह से मैं इंतज़ार कर रहा था पापा के दफ्तर से लौटने का । वैसे भी पतंग तो वो ही लाने वाले थे ना ।

शाम को पापा पतंग लेकर आए और फिर हम सब टैरेस पर गए । देखा तो चारों तरफ पतंगें ही पतंगें उड़ रही थीं । पास के मैदान में लोग जमा थे । आसपास की सारी इमारतों की छतों पर पतंगें उड़ाई जा रही थीं । मुझे आसमान की तरफ देखना अच्‍छा लगता है । मैं उड़ते हुए पक्षियों को हाथ उठाकर अपनी तरफ बुलाता हूं । पतंगें देखकर तो मुझे और भी अच्‍छा लगा । मैंने सोचा कि क्‍या मैं भी पतंग और पंछियों की तरह उड़ सकता हूं ।



बहरहाल...छत पर मुझे सबसे पहले मिल गए ऋत्विज-भैया, उनकी मम्‍मी और बुआ । जो पांचवे फ्लोर पर रहते हैं और मेरे अच्‍छे दोस्‍त हैं । बिल्डिंग के तमाम लोग वहां मौजूद थे । मेरे पहुंचते ही सब के सब मुझे ले भागे । मैं थोड़ी-थोड़ी देर सबकी गोद में खेला ।

पापा मेरे लिए ए.आर.रहमान वाली पतंग लाए थे---'जय हो' पतंग । मैंने और ऋत्विज भैया ने अपनी अपनी पतंगों के साथ फोटो भी खिंचाई । ( डॉक्‍टर मामा सुन रहे हैं ना ) ये देखिए हम पानी की टंकी की सीढियों पर बैठे हुए हैं ।
makar sankranti 1 1-14-2010 6-02-21 AM
सब-के-सब पतंगें उड़ा रहे थे । मैंने सोचा कि मैं क्‍यों बचा रह जाऊं । ये देखिए पतंग उड़ाने की मेरी पहली कोशिश । वो भी पानी की टंकी की सीढियों पर । मेरी 'घिर्री' यानी 'चरखी' तो दिख गयी होगी आपको नीचे ।
makar sankranti 2 1-14-2010 6-02-32 AMये देखिए मेरी ए.आर.रहमान; वाली 'जय हो पतंग' । इस पर रहमान दो-दो ऑस्‍कर हाथ में लिए हुए खड़े हैं । इस बार मुंबई में जय हो पतंग खूब उड़ाई गयी है । 'जय हो' ।
makar sankranti 3 1-14-2010 6-05-53 AM फिर एक दादू कहीं से मेरे पास चले आए । और उन्‍होंने मुझे अपनी पतंग देनी चाही । मैंने पहले 'ऑब्‍जरवेशन' किया कि कैसी है ये पतंग । पर सफेद रंग वाली ये पतंग मुझे खास नहीं जंची इसलिए मैंने अपना हाथ पीछे खींच लिया ।

makar sankrati 4 1-14-2010 5-56-21 AM मैं छत पर सिर्फ पतंग उड़ाने थोड़ी गया था । स्‍टाइल मारने भी तो गया था । ज़रा अपने 'जादू' को देखिए काले चश्‍मे में । कैसा लग रहा हूं बताईये । समीर अंकल आपसे टक्‍कर ले सकता हूं ना ।
makar sankrati 5 1-14-2010 6-25-22 AMये देखिए । चश्‍मे का जादू । जादू का चश्‍मा । सब कुछ इत्‍ता काला-काला क्‍यों दिख रहा है । रात हो गयी क्‍या मम्‍मी ।
makar sankrati 6 1-14-2010 6-25-02 AM

खूब थक गया हूं । चलता हूं । सोच रहा हूं आज शाम को फिर से पतंग उड़ाऊं । मैं जादू हूं ना मैं कुछ भी कर सकता हूं ।

01 January 2010

नए साल में 'जादू' का सैर करने का resolution

नए साल में सभी कोई ना कोई Resolution करते हैं । मम्‍मी-पापा ने भी किया है । मैंने भी किया है । अरे ये मेरा पहला new year है ना । मैं पिछले साल फरवरी में ही तो इस दुनिया में आया था । पता है रात बारह बजे जब नया साल आया तो मैं मज़े से सो रहा था । सुबह उठते ही तैयार हो गया । सर्दी है ना तो शुरूआत में टोपी भी पहनी, पर फिर हमेशा की तरह उसे खींचकर निकाल दिया ।

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अपने फ्लैट से निकलकर लिफ्ट से मैं नीचे आया और पहले तो बिल्डिंग में ही सैर
की । जब मैं नीचे आया तो बहुत कम लोग टहल रहे थे । शायद नए साल के स्‍वागत में सब के सब देर तक जागे होंगे और अभी मज़े से तानकर सो रहे होंगे ।  2अपने pram पर मैं बहुत मस्‍ती करता हूं । टेढ़ा-मेढ़ा होकर उछलता हूं । शोर मचाता हूं और रास्‍ते में बच्‍चे, महिलाएं, डॉगी जो भी मिलते हैं उनसे बातें करता हूं ।

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ये देखिए और अंदाज़ा लगाईये कि मेरी निगाहें किस चीज़ पर टिकी हैं ।
4वॉक करते हुए मैं बिस्किट भी खाता हूं । और अकसर वो बिस्किट पारले-जी होता है । जो मुझे बहुत पसंद है । लेकिन वॉक करते वक्‍त मैं अपने प्राम का सीट-बेल्‍ट लगाना नहीं भूलता । क्‍या आप गाड़ी पर जाते हुए सीट-बेल्‍ट और टू-व्‍हीलर पर जाते हुए हेल्‍मेट लगाते हैं ।  मुझे तो ट्रैफिक-पुलिस पकड़ने वाली नहीं है पर आप भूल गए तो आपको ज़रूर पकड़ लेगी और रसीद काट देगी । इसलिए होशियार, अपनी सुरक्षा का ख्‍याल रखिएगा ।  5

प्राम पर मैं पीछे मुड़कर देखता हूं कि मेरी गाड़ी को चला कौन रहा है । मम्‍मी या पापा । वैसे सुबह-सुबह टहलने में मज़ा बहुत आता है । नए साल का मेरा Resolution है टहलने का । आपका रिजोल्‍यूशन क्‍या है । 6 अब चलता हूं । ज़ोर की भूख लगी है । ब्रेक-फास्‍ट कर लूं । फिर बहुत काम है ।

मैं जादू हूं ना मैं कुछ भी कर सकता हूं ।

आप सभी को जादू ( और मम्‍मी-पापा ) की तरफ से नए साल की शुभकामनाएं ।

जादू क्‍यों

हम हैं जादू के मम्‍मी-पापा ।
'जादू' अपनी मुस्‍कानें लेकर आया है हमारी दुनिया में ।
हम चाहते हैं कि ये मुस्‍कानें हम दुनिया के साथ बांटें ।

जादुई दिन

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