01 July 2010

डॉक्‍टर्स डे पर आज आपने अपने डॉक्‍टर को थैंक्‍यू कहा क्‍या।

 

 

 

 

 

 

 

 

पता है आज एक बहुत ख़ास दिन है।


आज से नया महीना तो शुरू हो ही रहा है।
पापा कहते हैं कि जुलाई के महीने की शुरूआत उन्‍हें स्‍कूल शुरू होने की याद दिलाती है।

वैसे आपको ये भी बता दूं कि इसी महीने मेरा ये ब्‍लॉग शुरू हुआ था। यानी जल्‍दी ही आपके 'जादू' का ये ब्‍लॉग एक साल पूरे करने जा रहा है।

 



लेकिन आज का दिन क्‍यों ख़ास है, ये आपको याद आया। आज है 'डॉक्‍टर्स डे'। ये क्‍यों मनाया जाता है इस बारे में ज्‍यादा जानने के लिए यहां चटका लगाएं। और यहां भी।
मैंने सोचा कि आज 'डॉक्‍टर्स डे' के उपलक्ष्‍य में मैं अपने डॉक्‍टरों को धन्‍यवाद तो दे दूं।


सबसे पहले धन्‍यवाद देना चाहूंगा उनको जिन्‍होंने सबसे पहले मुझे गोद में लिया। ये हैं डॉक्‍टर भूपेंद्र अवस्‍थी। जब मैं दुनिया में आया तो ऐसा दिखता था। jaadoo first day fotos_004डॉक्‍टर अवस्‍थी ने ही मेरी जांच की थी। और मुझे पापा की गोद में दिया था। मैं आज भी सूर्या हॉस्पिटल में डॉक्‍टर अवस्‍थी के पास जाता हूं। वहां जाकर मस्‍ती करने में बड़ा मज़ा आता है। डॉक्‍टर हमेशा कहते हैं--'जादू कितना अच्‍छा दिखता है ना'। वो मुझे बहुत प्‍यार करते हैं।

डॉक्‍टर अवस्‍थी तो सांताक्रूज़ में हैं ना। मुझे दूरियों का अंदाज़ा तो नहीं पर पापा कहते हैं कि क़रीब बीस किलोमीटर दूर है उनका हॉस्पिटल। इसलिए बोरीवली में भी मैंने एक डॉक्‍टर अंकल से दोस्‍ती कर ली है। उनका नाम है डॉक्‍टर देवांग शाह। चूंकि मेरे टीकाकरण का सारा जिम्‍मा उन्‍हीं का है इसलिए मैं उनके चेम्‍बर में जाते ही रो देता हूं। मुझे याद आ जाता है कि यहां तो सुई लगती है। 
IMG_3970

डॉक्‍टर शाह बहुत मज़ाकिया हैं और हमेशा मम्‍मा-पापा को हंसाते रहते हैं। मैं उनकी टेबल उलट-पुलट कर देता हूं।


IMG_3972फिर हमारे घर के पास पापा-मम्‍मा के दोस्‍त हैं मुळे दंपति। ये दोनों भी डॉक्‍टर है। यहां डॉक्‍टर अंकल से तो नहीं पर डॉक्‍टर आंटी से मेरी अच्‍छी दोस्‍ती है। मैं उनकी गोद में भी मस्‍ती करता हूं। उनके घर पर एक बहुत प्‍यारा डॉगी डॉगी भू भू है। जिससे मेरी दोस्‍ती हो गई है। 

और अब जिक्र मेरे प्‍यारे डॉक्‍टर मामा का।


डॉक्‍टर मामा इलाहाबाद में हैं और मुझे मेरे पैदा होने के पहले से जानते हैं। उनसे मेरी कितनी दोस्‍ती है इसके बारे में आप यहां पढ़ते ही रहते हैं। पहचाना डॉक्‍टर मामा को।

Doctor Mama और डॉक्‍टरनी मामी का जिक्र भला कैसे छूट जायेगा। ये रही डॉक्‍टरनी मामी। देखिए कित्‍ती सारी चीज़ों के बीच में बैठी हैं। Doctor Mami लीजिये मैंने तो सबको डॉक्‍टर्स डे की शुभकामनाएं दे दीं।
आपने अपने डॉक्‍टर को हैपी डॉक्‍टर्स डे कहा क्‍या। उन्‍हें थैंक्‍यू कहा क्‍या।


चलिए चलिए जल्‍दी कहिए। और फिर मुझे बताईये।
मैं चला फुटबॉल खेलने।

8 comments:

रंजन said...

यार तुम लोग न डा से बहुत डरते हो.. वो हर बार सुई थोड़े लगता है.. आदि भी जोर जोर से रोने लगता है.. पर अच्छा किया थंक्यू बोंल दिया....

मामा को भी थंक्यू...


प्यार.. ये जादू के लिए..

संगीता पुरी said...

आपका आदेश सर माथे जादू जी .. अभी अपने डॉक्‍टर को थैक्‍यू कह देती हूं!!

प्रवीण पाण्डेय said...

जादू, डॉक्टर को हमेशा पटा कर रखना ।

माधव said...

thanx to all Doctors

Happy Doctors Day

"डॉक्टर मामा" said...

"जादू, डॉक्टर को हमेशा पटा कर रखना।" - प्रवीण पाण्डेय
**************
कहीं इस बहाने हमें पटाने की कोशिश तो नहीं हो रही ?
___________________________________

"ये रही डॉक्‍टरनी मामी। देखिए कित्‍ती सारी चीज़ों के बीच में बैठी हैं।" - जादू
*******************
.....और ये क्या "चीज़ें"-वीज़ें लगा रखा है ? नाम नहीं मालूम तो "उड़न-तश्तरी" अंकल से पूछो ना !

हाँ; आप सबके थैंक्यू के लिये थैंक्यू !!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

बहुत सुन्दर पोस्ट!
--
आपकी चर्चा तो यहाँ भी है!
http://charchamanch.blogspot.com/2010/07/203.html

अनामिका की सदाये...... said...

बढ़िया पोस्ट.

Akshita (Pakhi) said...

अभी थैंक-यू कहकर आती हूँ...

जादू क्‍यों

हम हैं जादू के मम्‍मी-पापा ।
'जादू' अपनी मुस्‍कानें लेकर आया है हमारी दुनिया में ।
हम चाहते हैं कि ये मुस्‍कानें हम दुनिया के साथ बांटें ।

जादुई दिन

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