17 May 2010

चलो जादू के संग किचन में उथल-पुथल मचाएं।

मैं कितना सीधा-सादा बच्‍चा हूं, ये तो आप सभी जानते हैं। पता नहीं क्‍यों और कैसे मेरी गिनी-चुनी बदमाशियों की ख़बरें लीक हो जाती हैं, और सबके-सब ये मान लेते हैं कि जादू बड़ा बदमाश है। सच्‍ची मैं बदमाश नहीं हूं।



अब देखिए ना....एक दिन मम्‍मी किचन में नहीं थीं। मैंने देखा कि रास्‍ता साफ़ है। तो मैं फ़ौरन किचन में पहंच गया। बताईये क्‍या ग़लत किया। रोज़ाना मैं मम्‍मी को किचन-ट्रॉली से डिब्‍बे निकालकर खाना बनाते देखता रहता हूं। और सोचता हूं कि आखिर इन ट्रॉलियों में भरा क्‍या है। जैसे ही मौक़ा मिला, तो मैंने सोचा, आज तो छानबीन करनी ही पड़ेगी।
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ट्रॉली का पिंक-कलर मुझे बड़ा अच्‍छा लगता है। मैंने खींचकर बीच वाली ट्रॉली खोली ली। और देखा कित्‍ते सारे डिब्‍बे इसमें भरे थे। 2सबसे पहले मैंने बोर्नवीटा के डिब्‍बे पर हाथ मारा। इसे हाथ लगाने की देर थी कि अचानक बहुत सारी ताक़त आ गयी मेरे भीतर...मैं चौंक गया...पर फिर समझ आया कि ये बॉर्नवीटा का कमाल हो सकता है। अब मम्‍मी का किचन गया काम से। 
3इसके बाद एक और डिब्‍बा हाथ आया है। मैं इसे अपने दांतों से खोलने की नाकाम कोशिश कर रहा हूं। बताईये इसमें क्‍या ग़लत है। ये तो करना ही चाहिए ना।

4और ये गया दाल का पैकेट भी नीचे। देखिए नीचे गिराई जाने वाली चीज़ों की तादाद बढ़ती जा रही है। 
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ओह...सौंफ़ का पैकेट। इसे दांतो से चबाया तो बड़ा अच्‍छा स्‍वाद मिला।
7आपको लग रहा होगा कि अब मैं आगे क्‍या करने वाला हूं। चिंता मत कीजिए अधूरा किस्‍सा बताकर भागूंगा नहीं। पर यहां पोस्‍ट लंबी हो जाए तो बहुत सारे लोगों को पढ़ने में दिक्‍कत होती है। इसलिए मैं यहां लेता हूं एक छोटा-सा ब्रेक। लेकिन आगे की तस्‍वीरों और शरारत के लिए आप क्लिक कीजिए यहां। और पहुंच जाईये मेरे तस्‍वीरों के ब्‍लॉग जादुई-तस्‍वीरों पर। 

7 comments:

Udan Tashtari said...

ये किनने कहा हमारे जादू को बदमाश...जरा नाम बताना.. :)

जादू तो इत्ता प्यारा बच्चा है..बदमाशी करना तो आता ही नहीं. जादू करना बस आता है जादू को.

देवेश प्रताप said...

ओह जादू जी तो आप किचन कि छानबीन कर रहे थे ......so sweet.....

आभा said...

जादू ने बांर्नवीटा का विज्ञापन कर दिखाया , डिब्बा हाथ लगते ही भरपूर ताकत एक गिलास पी जाता तो पूरा घर उथल पुथल हो जाता अच्छा किया जादू खूब मेहनत करो....,

Suresh Chiplunkar said...

सबने सुन लिया ना? समीर चाचा ने क्या कहा है?

mukti said...

कितनी भी टेंशन हो जादू को देखकर भाग जाती है. जादू माने टेशन की दवा ...देखो कितना सीधा-सादा बच्चा है. एकदम जलेबी की तरह सीधा...और मीठा !

रंजन said...

लगे रहो...

प्यार..

राम त्यागी said...

i would just say :) ..a sweet smile ..i too have a 10 month old kid and we r going through the same ...:-)

जादू क्‍यों

हम हैं जादू के मम्‍मी-पापा ।
'जादू' अपनी मुस्‍कानें लेकर आया है हमारी दुनिया में ।
हम चाहते हैं कि ये मुस्‍कानें हम दुनिया के साथ बांटें ।

जादुई दिन

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