27 April 2010

'जादू' की पहली ब्‍लॉगर्स-मीट

पिछले हफ्ते में मम्‍मा के पास आभा आंटी का फोन आया था। उन्‍होंने बोला कि रविवार पच्‍चीस अप्रैल को 'ब्‍लॉगर्स-मीट' आयोजित है, जिसमें आपको आना ही है। मम्‍मा ने कहा कि इन दिनों गर्मी बहुत पड़ रही है और हो सकता है कि जादू किसी की बात सुनने ना दे, परेशान करे। पर आभा आंटी ने ज़ोर देकर कहा कि भई 'जादू' जी को तो बतौर चीफ़-गेस्‍ट आमंत्रित किया जा रहा है, उनका आना तो बहुत ज़रूरी है। अब क्‍या बताएं...मम्‍मा भी ना मुझे 'अंडर-एस्‍टीमेट' करती हैं। भला मैं क्‍यों परेशान करूंगा ऐसे मौक़े पर। जहां जैसा माहौल होता है--मैं रम जाता हूं। मैं भी मौक़ा देखकर ही रोता हूं।

बहरहाल...रविवार को समय तय किया गया था चार बजे का। लेकिन दोपहर को मैं सो गया और सोकर उठा तो मेरा मूड थोड़ा ख़राब था। मुझे ख़ुश करने में मम्‍मा-पापा को थोड़ा वक्‍त लगा। फिर मिठाई की शॉप पर गए। और मैंने अलग-अलग तरह की मिठाईयां चख कर फ़ैसला कि कौन-सी ठीक रहेगी। इसमें भी थोड़ी देर हो गयी। कुल मिलाकर हम जब चारकोप के तयशुदा स्‍कूल में पहुंचे तो लगभग सारे लोग पहुंच चुके थे। मैं पहली बार किसी 'ब्‍लॉगर मीट' में गया था। इनमें से ज्‍यादातर लोगों की तस्‍वीरें तो देखी थीं पर मिलना पहली बार हो रहा था। मुझे देखकर सभी बहुत ख़ुश हो गए।


सबसे पहले मैं विभा आंटी की गोद में गया। और फ़ौरन शरारतें करनी शुरू कर दीं। jumping इस तस्‍वीर में मम्‍मा और विभा आंटी के अलावा रश्मि आंटी भी नज़र आ रही हैं। विभा आंटी की गोद में जाकर मैंने 'जंपिंग' शुरू कर दी। खूब उछला। बेचारी आंटी परेशान हो गई होंगी। पर उन्‍हें मज़ा भी बहुत आया।


सब लोगों की बातें चल रही थीं, कुछ लोग बहुत लंबा-लंबा बोल रहे थे। मुझे लग रहा था कि समय कम है इसलिए मैं बीच-बीच में टोक देता था, कहता था---'ऐ' 'आ'
'ददान्ना'। सब लोग समझ जाते थे कि मैं क्‍या कह रहा हूं। एक बार शायद एक अंकल समझ नहीं पाए। तो बोधिसत्‍व अंकल ने मेरी भाषा का अनुवाद करके समझाया कि मैं समय-सीमा ख़त्‍म होने की ओर इशारा कर रहा हूं। और इसी बीच बोधिसत्‍व अंकल ने कहा कि पहले समोसे खा लिये जाएं। मुझे ये विचार बहुत अच्छा लगा। और मैंने फ़ौरन अपनी सहमति दे दी।
eating मैं फौरन आभा आंटी की गोद में चला गया। ताकि अलग-अलग प्‍लेटों पर हमला कर सकूं। इस तस्‍वीर में हैं रश्मि आंटी, अनीता आंटी, मम्‍मा, आभा आंटी और विवेक अंकल। वैसे आभा आंटी ग़ज़ब की समझदार हैं। इससे पहले कि मैं प्‍लेटों पर हमला करूं उन्‍होंने फौरन मुझे बिस्किट और केक पकड़ा दिया। जिसे मैंने कुतर-कुतर के गिराना शुरू कर दिया। और चेहरे पर भी पोत लिया।

 


बिस्किट कुतरने के बाद मेरा उत्‍साह और बढ़ गया था। सभी ब्‍लॉगर्स अपना परिचय दे रहे थे। बाक़ी बातें भी कर रहे थे और मैं वहां मौजूद साथियों की गोद में जाकर अपना परिचय अपनी शरारतों के साथ दे रहा था। विमल अंकल को मैं तब से पहचानता हूं जब वो विकास भैया के साथ मेरे घर आए थे। इसलिए पुरानी जानपहचान जताते हुए मैंने उनके पास जाकर उनकी नाक खींच ली। मेरे हाथ में आपको मेरी हॉकी भी दिख रही है ना। हॉकी मैं इसलिए ले गया था कि ज्‍यादा बोरियत हुई तो मैं हॉकी खेलने लगूंगा।
vimal uncle nose pulling इस बीच जो बातें हो रही थीं उनसे मैं थोड़ा बोर हो गया। मम्‍मा को इशारा किया तो मैं बाहर चला गया और खिड़की पर खड़ा हो गया। स्‍कूल में नीचे एक कार्यक्रम हो रहा था, वो भी देखता रहा और खुली हवा के मज़े लेता रहा। देखिए अभय अंकल भी मेरे साथ हैं। abhay uncle इस खिड़की पर खड़े होकर मैंने बहुत मस्‍ती की। जिसके बारे में अलग से किसी पोस्‍ट में बताऊंगा। अंदर आया तो विभा आंटी ने मुझे एक पेन दे दिया। जिसे पहले मैंने चबाया। फिर विभा आंटी ने एक कागज़ पकड़ाते हुए कहा कि लो जादू ज़रा अपना  ऑटोग्राफ तो दे दो। फिर मैंने अपने पहले ऑटोग्राफ दिए। autograph पता है मैं विभा आंटी के साथ शरारत कर रहा था। तभी पापा ने जो फोटो खींची उसमें उनका चेहरा पूरी तरह से ढंक गया है।
with vibha aunti अनीता आंटी मेरे लिए एक गिफ्ट भी लाई थीं। ये रही फोटो। gift इस तस्‍वीर में पीछे बोधिसत्‍व अंकल भी दिख रहे हैं।
चलते-चलते आपको दो तस्‍वीरें और दिखा दूं।
एक ये जिसमें हैं मम्‍मा और अनीता आंटी।
mom and anita auntiऔर दूसरी ये। जिसमें आभा आंटी मेरे साथ खेल रही हैं।
with abha auntiघुघुती आंटी भी इस मीटिंग में मौजूद थीं। पर उन्‍होंने अपनी तस्‍वीरें ना लगाने की बात सबसे कह दी थी। पता है मैंने उनकी गोद में जाकर भी बड़ी मस्‍ती की थी। आंटी को पता चल गया होगा कि मैं कित्‍ता शरारती हूं। वैसे मैं सोच रहा हूं कि जल्‍दी ही मैं उनके घर जाकर भी शरारतें कर आऊं।

ब्‍लॉगर्स-मीट के बारे में और बातें आप पढिये रश्मि आंटी, अनीता आंटी और विवेक अंकल के ब्‍लॉग पर।


अपनी इस पहली ब्‍लॉगर्स-मीट में मुझे बड़ा मज़ा आया। अब मैं चला हॉकी खेलने। मैं जादू हूं ना, मैं कुछ भी कर सकता हूं।

27 comments:

विकास कुमार said...

vaah bhai, sahi hai sahi hai. tumhara bhi blog-baptisma ho gaya :P

अजित वडनेरकर said...

भई वाह,
ये जादू हैं और आप जादूगर के बाप...
बहुत सही रिपोर्टिंग।

खुश रहो। जादू कायम रहे।

रंजन said...

बिलकुल गलत तथ्य...

जादू की ये पहली ब्लोगर मीट नहीं है.. जादू दो ब्लोगरों के साथ तो हमेशा रहता है.. पता नहीं कितनी मीटिंग हो गई..:)

बहुत प्यारी फोटो है.. बिलकुल जादू जैसी..

प्यार..

Mired Mirage said...

जादू की रिपोर्टिंग तो सबसे बढ़िया रही। मान गए जादू को!
घुघूती बासूती

बोधिसत्व said...

jaadoo ki jay....khoob khush rho jaadoo ji....khoob svasth raho

rashmi ravija said...

वाह ..जादू की रिपोर्टिंग तो बहुत बढ़िया है...हमें भी बहुत मजा आया ,आपसे मिलकर...और थोड़ी देर से आए तो क्या चीफ गेस्ट तो देर से ही आते हैं....खूब मस्ती करो..

संगीता पुरी said...

वाह जादू तुमने तो बहुत बढिया रिपोट्रिंग की .. मम्‍मा ऐसे ही तुझे 'अंडर-एस्‍टीमेट' करती रहेगी .. पर तुम खूब उन्‍नति करते चलो .. आगे बढते रहो !!

अविनाश वाचस्पति said...

हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग को तो ऐसे ही जादू और जादूगरों की कलाकारियों की जरूरत है और हमेशा रहेगी। किसी दिन जादू दिल्‍ली ब्‍लॉगर मिलन में भी हुड़दंग मचाने आ जाओ न, जादू से ही सही। बहुत मजा आएगा जब हम दोनों मिलकर शरारतें करेंगे, मतलब पोस्‍टों के लिए सामग्री बनायेंगे।

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

भाई जादू!
इस ब्लागर मीट की सबसे बढ़िया रिपोर्टिंग आप ने कर डाली।

Sanjeet Tripathi said...

जादू ने की बढ़िया रिपोर्टिंग लेकिन कहां है चॉकलेट से बनी दाढ़ी मूंछ वाली तस्वीर।

वैसे जादू ब्लॉगर मीटों में शामिल होने वाला सबसे कम उम्र का ब्लॉगर होने का गौरव (अवार्ड) हासिल कर सकता है न

पारूल said...

jaadu...jaadu hai :)

माधव said...

पहली बार आपके ब्लॉग पर आया हूँ , अच्छा लगा !

http://www.madhavrai.blogspot.com/

mukti said...

जादू की बातें सुनकर तो मेरा भी सबसे मिलने का मन होने लगा...और सबसे ज्यादा जादू से...अब थोड़ी औपचारिक बात- जादूजी, अच्छी रिपोर्टिंग के लिये बधाई स्वीकार करें.

Pankaj Upadhyay (पंकज उपाध्याय) said...

waah jadoo.. sabse pahle to ye jaankar khushi hui ki tum 'BORE' nahi hue :)
aur tumhri shaitaniyon ki khabar to suni thi.. kabhi aana nahi ho paya.. ab kah sakta hoon ki tum star blogger ke alwa star 'shaitaan' bhi ho :)
humne rashmi ji ke blog pe kaha tha ki jadoo ki choclate mooch wali foto lagayi jaye.. ab yahan bhi Sanjeet Tripathy ji ke sur mein sur milate hue uski demand karte hain.. hum bhi to dekhen tumhari moochen :)

मीनाक्षी said...

ब्लॉग़र मीट पर नन्हे मुन्ने जादू का जादू साफ दिखाई दिया...यह जादू तो हमे भी यहाँ खींच लाया..बहुत बढिया रिपोर्ट लगी.

dhiru singh {धीरू सिंह} said...

jaadu jindabaad

डॉ महेश सिन्हा said...

वाह नाम तो सुना था आज काम भी देख लिया
खुश रहो

Vivek Rastogi said...

बहुत बढ़िया रिपोर्टिंग जादू

आभा said...

जादू तुम बहुत होशियार हो ,बातों के अलावा जो चींज छूट गइ वो भी तुमने दिखा दी-समोसा ,बिस्कीट, केक मिठाईया , ऐसी परफेक्ट रिर्पोट. जादू की जय जय..

गिरीश बिल्लोरे said...

जादू पापा से कहिये
जबलपुर होकर निकलें हम मिलेंगे आपसे
जादू बेटे मीट वाकई जादू भरी थी
सभी को बधाईयां

दीपक 'मशाल' said...

अले.. ले.. ले.. जादू बेटा तुमने तो रिपोर्ट भी जादूभरी बना दी.. बिलकुल शहद जैसी मीठी.. :)
जादू, तेरा जादू चल गया. पापा से कहना दीपक अंकल ने कहा है कि जादू तो बहुत स्मार्ट हो गया है किसी एड फिल्म वाले से बात करें और मम्मी से नज़र उतारने के लिए कहना.. ओके???
अबकी जब इंडिया आऊंगा तो ढेर सारी चोकलेट लाऊंगा.. तुम्हारे लिए :)

बवाल said...

बहुत मज़ा आया भाई इस मीट में।

बी एस पाबला said...

जादू!
चॉकलेट से बनी दाढ़ी मूंछ वाली तस्वीर की बहुत मांग है। एकाध हो जाए

जादू है ना, वो कुछ भी कर सकता है :-)

अनूप शुक्ल said...

जादू जी जय हो। हमारा ब्लागर कैसा हो? जादू भैया जैसा हो!

anjule shyam said...

अरे जादू भाई बड़े लोगों की मीटिंग सिटिंग में मत जाया करो वरना तुन्म्हे भी अपनी तरह बोर मैन बना देंगे...चलो हाकी खेलते हैं...ये मीटिंग सिटिंग का चक्कर छोड़ो ..ये बड़े बुड्ढों के चोचले हैं...

Udan Tashtari said...

जे हुई न अब असली रिपोर्ट...सब सच्ची सच्ची!! बहुत खूब प्यारे!! चीफ गेस्ट साहब!!

anitakumar said...

पकड़ लियाआआआअ! जादू कब से ढ़ूढ़ रही थी तुम्हारा ब्लोग, मिलता ही नहीं था। तुम तो इतने अच्छे बच्चे बने रहे पूरी ब्लोगर मीट में कि सही मायनों में तुम्हीं स्टार ब्लोगर थे। तुम्हारी चोकलेट से बनी दाड़ी मूंछ वाली फ़ोटो तो हमें भी देखनी है,हमें तो अभी से तुम कहते दिखाई दे रहे हो मैया मोरी मैं नहीं चोकलेट खायो, आभा आंटी ने दाड़ी मूंछ बना कर हमसे ठिठो्ली की है। है न?
बेहतरीन रिपोर्टिंग की है बेटा, खुश रहो।

जादू क्‍यों

हम हैं जादू के मम्‍मी-पापा ।
'जादू' अपनी मुस्‍कानें लेकर आया है हमारी दुनिया में ।
हम चाहते हैं कि ये मुस्‍कानें हम दुनिया के साथ बांटें ।

जादुई दिन

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