07 March 2010

'जादू' पहली बार गया फिल्‍म देखने

 

 

 

पता है मैं मम्‍मा-पापा के साथ फिल्‍म देखने गया था । हालांकि इस बात को अब पंद्रह दिन से ज्‍यादा हो चुके हैं । लेकिन आपको इसलिए नहीं बता सका, क्‍योंकि मैं बेहद 'बिज़ी' जो था । अरे कितने काम हैं मेरे, अब बार-बार क्‍या गिनाऊं ।

 

ये मेरी देखी पहली फिल्‍म है । बताईये मैं कौन-सी फिल्‍म देखने गया होऊंगा ।


3-idiots-19d वैसे तो मैं पहले भी फिल्‍म देखता रहा हूं । लेकिन उस वक्‍त देखता नहीं सुनता था । अपनी मम्‍मा के पेट में जो था । मेरे पैदा होने के बाद हम तीनों की देखी ये पहली फिल्‍म थी । मैं ज्‍यादा परेशान ना करूं इसलिए मम्‍मा-पापा ने 'नाइट शो' का प्‍लान किया । लेकिन उन्‍हें ये पता नहीं था कि मैं भी पक्‍का 'पिक्‍चरबाज़' हूं । ये कैसा हो सकता था कि मम्‍मा-पापा पिक्‍चर के मज़े लें और मैं ना देखूं । मैंने भी खूब मज़े लेकर फिल्‍म देखी ।

 



अरे फिल्‍म में आमिर अंकल कितने जंच रहे थे । वैसे भी उनकी एक्टिंग तो लाजवाब भी होती है । लेकिन 'शेम-शेम' । शी शी । इत्‍ते कम कपड़े । अरे इत्‍ते कम कपड़े तो मैं भी नहीं पहनता जबकि मैं इत्‍ता छोटा हूं ।

एक मज़ेदार बात बताऊं । फिल्‍म में ' अपनी मम्‍मी के पेट में मौजूद एक 'बच्‍चा 'ऑल इज़ वेल' सुनकर किक मारता है । ये मुझे बड़ा अच्‍छा लगा । पता है मैं जब गर्भ में था तो कुछ गाने सुनकर और 'फै़ज़' की ग़ज़लें सुनकर 'किक' मारता था । आइसक्रीम, केक और बाक़ी सारी मीठी चीजों पर मेरी यही प्रतिक्रिया होती थी ।

हां...तो मैं एक घंटे तक मस्‍त होकर फिल्‍म देखता रहा । फिर लगा कि अरे मम्‍मा-पापा का तो मेरी तरफ ध्‍यान ही नहीं है । तो मैंने ज़ोर से रोना शुरू कर दिया । पापा मुझे लेकर हॉल से बाहर आए । जब उजाले में आए तो वहां टॉकीज़ के कैन्‍टीन और सजावट को देखकर मुझे मज़ा आ गया । पॉप-कॉर्न बनते देखकर मुझे बड़ा अच्‍छा लगा । मैं चुप हो गया और हम फिर से हॉल में चले गए । मैं स्‍क्रीन वाले चबूतरे पर जाना चाहता था पर पापा ने जाने नहीं दिया ।


कुल मिलाकर मैंने पूरी फिल्‍म बहुत मजे लेकर देखी । बीच में थोड़ी झपकी भी ले ली । और खूब खुश होकर घर लौटा । अब मैं इंतज़ार कर रहा हूं कि मम्‍मा-पापा मुझे कौन सी फिल्‍म दिखाने ले जायेंगे ।

9 comments:

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

जादू! बहुत खुशकिस्मत हो। तुमने बड़ी जल्दी पहली फिल्म देख ली। हमें तो दस बरस लगे थे इस काम में।

संगीता पुरी said...

ओए जादू , तू इतना बडा हो गया .. फिल्‍मों की बातें हमसे साझा कर रहा है !!

रंजन said...

vaah ji vah..

love

Udan Tashtari said...

वाह!! अब फिल्में देखना शुरु...थ्री ईडियट्स देख आये..अब तो हर महिने रो रो कर जिद करना...

dhiru singh {धीरू सिंह} said...

जन्मदिन पर पिक्चर पार्टी थी क्या ?

महेन्द्र मिश्र said...

ओह जादू तुम्हारी तो बल्ले बल्ले हो गई ...यहाँ तो फिल्म देख ही नहीं पाते हैं . स्टार प्लस में पा फिल्म देखना थी लाइट गोल हो गई ...

Manish said...

वाह जी, बधाई !! अब मेरी भी सुनिए ... अपनी २३ साल की जिंदगी मे अभी एक बार भी सुबह, दोपहर या नाईट शो मे फिल्म देखने नहीं गया. :) :) मेरे पापा बहुत गुस्से वाले हैं उन्हें फिल्म देखना और बच्चो को फिल्म दिखाना पसंद नहीं हैं, एक बार मामा के साथ सिनेमा हाल के पास खड़ा फिल्म का पोस्टर देख रहा था उस दिन मेरी खाल खींच ली गयी थी और मम्मी ने गरम घी..... हल्दी का लेप लगाया था बदन पर...... मैं भी जिद्दी था....पिटाई से उपजी जिद के कारण मैं ने भी ठान ली ..... तब से आज तक कभी सिनेमा हाल मे फिल्म देखी ही नहीं... कि लो अब कुछ नहीं देखता... लेकिन कंप्यूटर पर देख लेता हूँ..... :) :) :)
आपके पापा बहुत गुस्से वाले नहीं लग रहे हैं..... लेकिन बच कर रहिएगा.... पापा लोग बहुत खतरनाक होते हैं. ज़रा आपकी और उम्र तो हो तब देखिएगा. आपकी शरारत उन्हें बहुत खराब लगेगी. ज्यादा हुआ तो तमाचे या छड़ी का स्वाद भी चखना पड़ सकता हैं .. ....लेकन पापा जी दिल के बहुत अच्छे होते हैं. उनकी बात हमेशा मानियेगा..... इससे आपके अन्दर ढेर सारे अच्छे गुण अपने आप पनप आयेंगे.
चलता हूँ, पापा ने देख लिया तो खैर नहीं........ :) :)

PD said...

वाह जादू जी वाह.. :)
पूत के पांव पालने में ही दिख रहे हैं.. फैज को सुनते हैं महाराज लोरी कि जगह.. :)

कृतिका चौधरी said...

वाह जादू भइया, आप फिल्‍म भी देखने लगे।

बधाई।


कभी हमारे यहां भी आना।

जादू क्‍यों

हम हैं जादू के मम्‍मी-पापा ।
'जादू' अपनी मुस्‍कानें लेकर आया है हमारी दुनिया में ।
हम चाहते हैं कि ये मुस्‍कानें हम दुनिया के साथ बांटें ।

जादुई दिन

Lilypie - Personal pictureLilypie Second Birthday tickers

  © Free Blogger Templates Spain by Ourblogtemplates.com 2008

Back to TOP