27 February 2010

इस तरह मनाया जादू ने अपना पहला जन्‍मदिन

पता है कल मेरा बर्थ-डे था । मम्‍मी-पापा जाने कब से इस दिन का इंतज़ार कर रहे
थे । हालांकि कुछ महीने पहले नानी का निधन हो गया था इसलिए इस साल मेरे जन्‍मदिन के सारे 'आयोजन' कैंसिल कर दिये गए थे ।

 


चूंकि पिछली रात मैं देर तक जागा था इसलिए ज़ाहिर था कि नींद का अपना कोटा पूरा करके ही जागना था, फिर चाहे वो जन्‍मदिन ही क्‍यों ना हो । आजकल मेरी एक आदत बन गई है । जागते ही सबसे पहले मैं बेडरूम की खिड़की से जायज़ लेता हूं कि मेरे पास-पड़ोस में सब कुछ ठीक चल रहा है या नहीं । कल भी सबसे पहले मैंने खिड़की पर खड़े होकर कॉलोनी का जायज़ा लिया । IMG_5960 बाहर धूप खिली हुई थी । बंबई में आजकल गर्मी की शुरूआत हो रही है । हालांकि रातें थोड़ी ठंडी होती हैं । जब मैंने देखा कि सब ठीक चल रहा है । लोग काम पर जा रहे हैं । बच्‍चे खेल रहे हैं । शहर का सारा काम व्‍यवस्थित तरीक़े से चल रहा है । इसलिए मैं अपनी दिनचर्या की शुरूआत कर सकता हूं ।

मम्‍मी-पापा मेरे जागने का इंतज़ार कर रहे थे । मेरे जागते ही फ़ौरन उन्‍होंने मुझे हैपी-बर्थडे कहा । मुझे बहुत अच्‍छा लगा । पापा के साथ बेड पर मैंने पकड़ा-पकड़ी का खेल खेला । ये खेल मैं रोज़ सुबह उठते ही खेलता हूं । कल भी खेला ।
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सुबह जन्‍मदिन की बधाई का पहला फ़ोन आया मेरे दादा-दादी और बुआ का । और पहला एस.एम.एस आया इलाहाबाद से डॉक्‍टर मामा का । उसके बाद ननिहाल से फ़ोन आए और फिर तो दिन भर फ़ोन-कॉल्‍स का तांता लगा रहा । इसी दौरान मम्‍मी ने कल अपने ब्‍लॉग पर मेरे जन्‍म के बारे में अपनी डायरी लिखी । आने पढ़ी क्‍या । यहां पढियेगा । नहा-धोकर मैं तैयार हुआ, तब तक पापा ने कमरे में सजावट कर दी थी । जैसे ही एक बलून दीवार से निकलकर गिरा, मैंने उसे लपक लिया ।
IMG_5981 उसके बाद मैं बलून से बहुत देर तक खेलता रहा । डॉक्‍टर-मामा ने कुरियर से मुझे बर्थ-डे गिफ्ट भेज दिया था । जो मुझे पच्‍चीस तारीख़ को दोपहर को ही मिल गया था । लेकिन मम्‍मी ने मुझे इसे अपने जन्‍मदिन पर ही खेलने दिया । IMG_5986 पता है ये 'जादू-जादू' बोलकर मुझे चिढ़ा रहा था । हंस रहा था । मैंने भी इसे पूरे हॉल में खूब दौड़ाया । इस बारे में विस्‍तार से कल पढियेगा । कल का दिन ज़ोरदार मस्‍ती करने का दिन था और मैं अपनी मस्‍ती में मगन रहा ।

उस दिन 'शॉपर्स-स्‍टॉप' में पता है क्‍या हुआ । मम्‍मी-पापा मेरे जन्‍मदिन की शॉपिंग कर रहे थे तभी मुझे एक गाड़ी पसंद आ गयी । वैसे तो मैंने उस दिन पूरे शॉपर्स-स्‍टॉप का सामान बिखेर दिया था । पर दो गाडियों पर मैं खूब खेला । उसमें से एक पापा ने मुझे खरीदकर दे दी ।


IMG_5980IMG_6010जब इस गाड़ी से मैं खेल-खेलकर बोर हो गया तो पता है मैंने क्‍या किया । खुद ही देख लीजिए ।


IMG_6030मैं गाड़ी की उस जगह पर जाकर बैठ गया जहां बिल्डिंग ब्‍लॉक्‍स रखे जाते हैं । मज़े की बात ये है कि जब हम मंदिर जा रहे थे तब भी फ़ोन आ गया । और मैं देखने लगा कि मुझे तो किसी से फोन पर बात करने मिल ही नहीं रही है । सारी बातें तो मम्‍मा-पापा ही कर रहे हैं । ये देखिए ।


IMG_6000फिर हम 'रिबन्‍स एंड बलून्‍स' गए । और मैंने वहां अपना पसंदीदा 'ब्‍लैक-फॉरेस्‍ट' केक ख़रीदा । केक-शॉप पर मैंने बहुत मस्‍ती की ।

मम्मा पेस्‍ट्री खा रही थीं । मैंने उस पर हाथ मार दिया । और उनसे जिद करके खूब सारी पेस्‍ट्री भी खाई ।
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घर आकर केक काटा जाना था । मौसी और ऋत्विक भैया भी आ गए थे । सबने मेरे लिए 'हैपी बर्थडे टू यू जादू' गाया और फिर मैंने केक काटा ।


IMG_6016IMG_6019IMG_6014 IMG_6039इस तरह मैंने सादगी से अपना जन्‍मदिन मनाया, खूब मस्‍ती की, खूब केक खाया और आखिर में पापा के साथ मिलकर सबको बाय-बाय भी किया ।


IMG_6041अनगिनत लोगों ने मुझे जन्‍मदिन की बधाईयां दीं । पापा की 'फेसबुक' पर । मम्‍मा के ब्‍लॉग पर । हम सबके ई-मेल पर । फ़ोन पर । सबको 'जादू' की तरफ से बहुत बहुत धन्‍यवाद । अपना प्‍यार इसी तरह बनाए रखिए । मैं भी ऐसे ही मौज-मस्‍ती करता रहूंगा । मैं जादूं हूं ना मैं कुछ भी कर सकता हूं ।

5 comments:

rashmi ravija said...

अरे वाह जादू ने तो बहुत मस्ती की अपने जन्मदिन पर...खिलौने भी मिले..केक और पेस्ट्री भी...और इतनी सारी सुन्दर सुन्दर तस्वीरें भी खिंचवायीं...एक बार फिर से....Happy Birthday Jaadoo!!!

Udan Tashtari said...

ऐसी मस्ती और कहते हो सादगी से मनाया...ये भी जादू ...:)

बहुत सारा प्यार और ढेर सारा आशीष!!

रंजन said...

happy birthday beta...

love

ritvik said...

are ! jadoo tumne kya kamal ka jado kiya ki ek saal bhi hoge. happy birthday............

Manish said...

जादू को बहुत बहुत आशीष.......
आज जादू के पिता को पहली बार देखा , रेडियोवाणी पर भी देखा था लेकिन पता न था :) शायद बहुत दिन बाद वापस लौटा हूँ इसलिए :) :)

जादू क्‍यों

हम हैं जादू के मम्‍मी-पापा ।
'जादू' अपनी मुस्‍कानें लेकर आया है हमारी दुनिया में ।
हम चाहते हैं कि ये मुस्‍कानें हम दुनिया के साथ बांटें ।

जादुई दिन

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