14 November 2009

नानी आप बहुत याद आओगी ।

 

पिछले कई दिनों से मैं अपने ब्‍लॉग पर आकर अपने बारे में आपको ख़बरें नहीं दे
सका । और इसकी एक वजह थी । दरअसल दस अक्‍तूबर को मेरी नानी जी का निधन हो गया और उसके बाद हम इलाहाबाद चले गए  । मेरी नानी वहीं तो रहती थीं ना । नानी पिछले दिनों यहां आई थीं और मैंने उनके साथ थोड़ी शरारतें भी की थीं । ये देखिए मैं नानी की गोद में किस तरह सो रहा हूं ।


IMG_4050 नानी जी मुझे देखने को कब से लालायित थीं । उनकी तबियत कई दिनों से ख़राब थी और इसके बावजूद वो बंबई आई थीं । मुझे तो यही लगता है कि वो मुझे देखने आई होंगी । जब वो बंबई आई थीं तो मुझे गोद में लेकर उन्‍हें कितना अच्‍छा लगा था मैं बता नहीं सकता । उन्‍होंने कितने सारे लोकगीत गाए थे मुझे गोद में लेकर । उनकी गोद में जाकर मैं ज़रा भी रोया नहीं था ।



मैंने सोचा था कि थोड़ा बड़ा हो जाऊंगा तो अपनी कहानियां नानी को सुनाऊंगा और नानी की कहानियां सुनूंगा । सर्दियों के दिनों में इलाहाबाद जाकर नानी के साथ दही-जलेबी खाऊंगा और छत पर धूप सेंकते हुए उनसे ढेर सारी बातें करूंगा । पर अब ये कभी नहीं हो पायेगा । नानी आप इत्‍ती जल्‍दी क्‍यों चली गयी ।


mai fotos 001                           मेरी मम्‍मी और नानी की ये तस्‍वीर देखिए ।

आज बाल दिवस है । आप सभी को शुभकामनाएं ।

4 comments:

बी एस पाबला said...

बेहद दुखद होता है बुजुर्गों का जाना

मेरी संवेदनाएं

सैयद | Syed said...

बेहद दुखद !!

STUDENTVANI said...
This comment has been removed by the author.
Udan Tashtari said...

आज देखा. नानी को श्रृद्धांजलि. सच में तुमको याद आती होगी.

जादू क्‍यों

हम हैं जादू के मम्‍मी-पापा ।
'जादू' अपनी मुस्‍कानें लेकर आया है हमारी दुनिया में ।
हम चाहते हैं कि ये मुस्‍कानें हम दुनिया के साथ बांटें ।

जादुई दिन

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