06 September 2009

जादू बन गए 'फलाहारी-बाबा'

आपका ये 'जादू' एक हफ्ते से अपने 'ब्लॉग' ग़ायब था । जी नहीं...ना तो जादू 'बीमार' था और ना ही कहीं 'टूर' पर गया था । ना ही जादू की कोई 'मीटिंग्‍स' चल रही थीं और ना ही जादू अपने 'काम' में बहुत ज्‍़यादा 'बिज़ी' था । दरअसल मम्‍मी-पापा पता नहीं क्‍यों 'बिजिया' गए थे । और मेरा 'डिक्‍टेशन' लेने वाला कोई नहीं था । फिर भला 'टाइपिस्‍ट' के बिना मैं लिखता कैसे । अपुन जैसे 'बड़े-लोग' तो 'डिक्‍टेशन' ही देते हैं ना ।

 


वैसे मम्‍मी कहती हैं कि आजकल 'जादू'  बाबा रामदेव जी का शिष्य बन गया है । यही नहीं मम्‍मी तो ये भी कहती हैं कि हमारा 'जादू' फलाहारी बाबा है । इन दोनों बातों की images ख़ास वजहें हैं । जहां तक 'फलाहारी बाबा' होने का सवाल है तो ये नाम मुझे इसलिए मिला क्‍योंकि मैं आजकल खुशी-खुशी केवल फल ही खाता हूं । उनमें मुझे सबसे ज्‍यादा पसंद हैं केले । वो भी बड़े वाले नहीं.....केरल और गुजरात से आने वाले 'इलायची केले' । हमारे शहर में इन्‍हें इलायची केले इसलिए कहते हैं क्‍योंकि ये बहुत छोटे-छोटे होते हैं । जब मम्‍मी मुझे ये केले 'मैश' करके खिलाती हैं तो मैं उनके हाथ से छीन-छीन कर खाता हूं । इसी तरह मुझे 'सेब का रस' भी पसंद है । 'चीकू' खाने में पहले थोड़े-से नखरे किए थे मैंने, पर अब खा लेता हूं । और हां 'पपीता' पापा थोड़ा-कच्‍चा लेकर आते हैं, जो कुछ दिन में पक जाता है और फिर मुझे दिया जाता है । इसका 'नशीला स्‍वाद' भी मुझे पसंद आ रहा है । 'अनार का रस' भी मेरा फेवरेट है । एक आंटी ने मम्‍मी को बताया कि 'जादू' को अंजीर चुसवाया जाए । मम्‍मी अंजीर को पकड़े रहती हैं और मैं उसे 'टीथर' समझके जमके चूसता-चबाता हूं । मौसमी फल मैं सभी मज़े से खा लेता हूं । लेकिन उन चीज़ों की फेहरिस्‍त ये रही--जो मुझे पसंद नहीं हैं । ये सब मैंने फिलहाल 'रिजेक्‍ट' किये हुए हैं---

1. दाल-चावल, चाहे सादे हों या मैश किए हुए । ( मम्मी अब भी बहला के खिला देती है )
2. दलिया ।
3. कई तरह के आटे ( नाचणी/रागी, चावल का आटा वग़ैरह ) को मिलाकर तैयार किया गया खाद्य  ।
4. बहुत बारीक सूजी की एकदम पतली खीर ।
5. सेरेलेक राइस....जो मैंने पहले ही दिन 'आ--फू' करके फुहार बनाकर उड़ा दिया । इत्‍यादि ।

चूंकि मैं 'फल' ही खाता हूं इसलिए मम्‍मी कहती हैं कि 'जादू' 'फलाहारी-बाबा' है । अब सवाल ये है कि मैं बाबा रामदेव का शिष्‍य कैसे कहलाने लगा ।

'ज्ञान-अंकल' ने एक दिन लिखा था कि तुम 'भुजंगासन' बढिया करते हो । 'योग-गुरू' मानने का मन करता है । अरे अंकल, अब आप मुझे अपना गुरू बना ही लीजिए । मम्‍मी कहती हैं कि मैं बढिया तरीके से 'नौकासन' और 'मत्‍स्‍यासन' भी करता हूं । जल्‍दी ही मैं जब इलाहाबाद आऊंगा तो आपको सिखाऊंगा कि अपने ही पैरों के अंगूठे को कैसे चूसा जाए । कैसे मज़े से भुजंगासन और अन्‍य समस्‍त-आसन किए जाएं । फिलहाल आप सब देखिए मेरी योगासनों वाली तस्‍वीरें । 
IMG_3817इसी आसन को मैं इस तरह भी करता हूं । यहां देखने लायक़ है मेरी 'आंखों की अदा' IMG_3848-1अपने ही पैर का अंगूठा चूसने वाला 'आसन' । ख़ासतौर पर 'ज्ञान' अंकल के लिए ।   IMG_3547ये कौन-सा आसन है 'मंगेश-अंकल' बतायेंगे । वो योग-गुरू हैं ना । इसलिए ।
IMG_3727-1  
  ज़रा इस आसन को 'ट्राइ' करके देखिएगा । IMG_3851-1 ये '

योग-आसन' 'पी-टी' और 'डांस' का मिलाजुला रूप है ।

IMG_3432कृपया ये आसान-सा आसन स्‍नान के बाद ही करें ।
IMG_3422 अगर आप सभी ये आसन करेंगे तो 'जादू-बाबा' आपको यकीन दिलाते हैं कि इस तरह आपके होठों पर मुस्‍कान तैर जायेगी ।
IMG_3811 अब आप सभी को 'फलाहारी जादू बाबा' का नमस्‍ते । कल फिर मिलेंगे ।

6 comments:

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey said...

काहे रिजेक्ट काते हो प्यारे, ये वाला हमें पास ऑन कर दो -
4. बहुत बारीक सूजी की एकदम पतली खीर ।

ओम आर्य said...

bahut hi sundar hai falahari baba ka aasan mai vi sikh leta hoo..........sach much me jaadoo ho gaya

सैयद | Syed said...

बढ़िया है भाई... एक दो आसन हमें भ सिखा दो...

... तस्वीरें बहुत सुन्दर है..

Ritvik said...

Agar tum " Baba Ramdev " ke yogaasan kar sakte ho to " Mikele jakson " ke break dance bhi kar sakte ho.

काव्या शुक्ला said...

बहुत बढिया।
वैज्ञानिक दृ‍ष्टिकोण अपनाएं, राष्ट्र को उन्नति पथ पर ले जाएं।

रंजन said...

एक से बढ़ एक आसान.. पेटेंट कर लो जादू..

प्यार

जादू क्‍यों

हम हैं जादू के मम्‍मी-पापा ।
'जादू' अपनी मुस्‍कानें लेकर आया है हमारी दुनिया में ।
हम चाहते हैं कि ये मुस्‍कानें हम दुनिया के साथ बांटें ।

जादुई दिन

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