24 July 2009

जब मैंने सागर नाहर अंकल से चैट की

कल ज्ञान अंकल ने कहा---


क्या बड़ी बड़ी चमकदार आंखें हैं - जादू करतीं। मम्मी तुम्हारी कजरौटे से माथे पर कोने में टीका नहीं लगातीं - नजर न लग जाये! 


सच्‍ची अंकल ! कजरौटा यहां कहां मिलता है । प्‍लास्टिक की डिब्‍बी में जो काजल आता है ना, मेरी मम्‍मी उसे से कोने में एक छोटा-सा टीका लगा देती हैं ।
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पहले मम्‍मी बीच में टीका लगाती थीं, लेकिन मैं हाथ से पोंछकर उसे मस्‍त चाट लेता
था । अरे हां...आपको पता है, कुछ समय पहले मेरी मालिश करने के लिए प्रतीक्षा आंटी आती थीं, वो तो तीन-तीन टीके लगती थीं । ये देखिए:
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रंजन अंकल ने कल बड़ा अच्‍छा काम किया, मेरे पापा से डेन्‍टान लाने को कहा । पर पापा एक बार में कहां सुनने वाले हैं । कल शाम को बारिश इतनी थी कि वो दवा लाने की बजाए सीधे घर ही आ गये । लगता है आज शाम को ज़रूर जायेंगे ।

और हां समीर अंकल  ने मेरे मम्‍मी-पापा के बारे में जिज्ञासा व्‍यक्‍त की और उनसे नमस्‍ते भी कहा । तो ताऊ जी पापा-मम्‍मा ने आपको भी नमस्‍ते भेजा है । और ये कहा है कि जल्‍दी ही आपसे मुलाक़ात भी होगी ।

कल मैंने वादा किया था कि मम्‍मी की लाई नई चीज़ें आपको दिखलाऊंगा । दरअसल आजकल उंगली-अंगूठा चूसने के अलावा मेरा एक काम है अपने होंठ चबाने का । इसलिए मम्‍मी बड़े-बूढ़ों और डॉक्‍टर की सलाह पर कुछ चीज़ें  लाई हैं । जिनको चबाने-चूसने में मुझे मज़ा आ रहा है । ये देखो : teathersमम्‍मी को आम बहुत पसंद हैं । ख़ासकर लंगड़ा और चौसा । इसलिए जब मेरे लिए 'टीथर' लाने की बारी आई तो मम्‍मी अभी से एक आम ले आईं कि लो ये चूसो । अब मैं हर मौसम में आम चूस सकता हूं ।
mango teather अच्‍छा अब मैं आपको वो चैट पढ़वाता हूं जो मैंने 'सागर अंकल' से संडे को की
थी । इसमें सागर अंकल की बहुत सारी पोल खुली है ।


sagarnahar: good morning Jaduji :)
जादू

: गुड मॉर्निंग अंकल । कहां थे आप ।

मैंने अपना ब्‍लॉग शुरू कर दिया ।


sagarnahar: सच्‍ची । अच्छा अब्बी देखते हैं, भई । छुबह से फालतू कामों में व्यछ्त थे।
जादू

: आप भी ना बश अंकल ।

इत्‍ते बिजी रहने ठीक बात नईं हैं


sagarnahar: सोरी .. सोरी।

आंईदा ध्यान लकेंगे।


जादू: ठीक है । वलना छोच लीजिए

आपके ऊपल छू छू कल दूंगा

हां


sagarnahar: :)

जादू

: खाना खाया आपने

या आंटी ने घल शे निकाल दिया

sagarnahar: हे हे हे,,, सबका आपके पापा जैसा थोड़ी होता है, हमें गर से नहीं निकालती, हमारी तो बस पिटाई होती है... किसी से कहना मत

:)

जादू: अले बाप ले ।

आपकी पिटाई होती है ।

मेले पापा को तो मम्‍मी घल से निकाल देती हैं ।

आप भी किछी छे कहना मत

sagarnahar: हां, पल किछी छे कहना मत वलना लोग कहेंगे

बड़े नाहर बनते हैं और मार खाते हैं

जादू: हम्‍म । मैं किसी को नहीं बतऊंगा छच्‍ची ।

जोल छे लगी तो नहीं आपको ।

sagarnahar: बहुत जोल छे लगी.. सर मे गूमड़ा हो गया

जादू : अले बाप ले

ऐछा क्‍या ।

पता है आज मैंने पिटाई कल दी ।

 


sagarnahar: अले किछकी पिटाई की


जादू: अपने नए वाले तकिये की ।

खूब जोल छे माला

वो लोने लगा


sagarnahar: ऐछा नई करना बेटा वो तो आपका दोस्त है ना  !
अच्छे बच्चे ऐछा नहीं करते । गन्नी बात ।


जादू

: अच्‍छा थीक है ।

अभी मैं चबा रहा हूं

sagarnahar: :) । क्‍या चबा रहे हो जादू

जादू: अले मैं एक नई चीज चबा रहा हूं ।

मम्‍मी चबाने वाले खिलौने लाईं है कल ।

उनको चबा चबा के उनकी चटनी बनानी है मुझे ।



sagarnahar: हां, ये अच्छा है। खुब चबाओ उनको तो वे बहुत बदमाछ है, उनका तो यही होना चाहिये  ।

जादू : थीक है

अंकल । आपके हैदराबाद में बालिश हो लही है क्‍या

sagarnahar: नईं बेटा तेज धूप पड़ लई है.. आपके शहर में

जादू : ही ही ही ।

बालिश हो लही है ।

बालिश ज्‍यादा होती है तो पता है मैं क्‍या कलता हूं ।

sagarnahar: क्या कलते हो?
जादू

: बार बार छू छू कलता हूं ।

sagarnahar: हां.. मैं छमझ गया था
जादू

: अले आपके कैछे पता ।

आप तो अंकल बले वो हैं

sagarnahar: आपके चैतन्य भैया भी ऐछे ही करते थे
जादू

:

अभी तो नईं कलते ना

sagarnahar:

और आपकी कोई गर्ल फ्रेन्ड बनी की नईं ?

किछी छे नहीं बोलूंगा
जादू

: थीक है पर पक्‍का प्रॉमिस करो

sagarnahar: पक्का

जादू

: एक बनी है श्रेया । थर्ड फ्लोर पर रहती है ।

मेरी ही बिल्डिंग में ।

मुझसे बड़ी है वो ।

sagarnahar: अच्छाऽऽ

जादू: हम्‍मम ।

हम रोज शाम को मिलते हैं

sagarnahar: बड़ी छोटी तो चलती है, कैछी है वो ।

अले वाह ।

जादू : बहुत  अच्‍छी है ।

हम रोज खेलते हैं शाम को ।

बिल्डिंग के नीचे ।

sagarnahar: गुड गुड...आपने उछके बाल खींचे की नईं ?
जादू

: खींचूंगा ।

आज शाम को

जोर से खींच दूं 

sagarnahar: हां... दोस्तों में चलता है इतना तो ।

और उचकि आंख में हाथ मत डालना
जादू

: तो फिर ठीक है ।

आज पक्‍का खींचूंगा ।

ठीक है नहीं डालूंगा उछकी आंख में उंगली


sagarnahar: शाबास, अच्छे बच्चे हो। आपके पापा से ज्यादा समझदार ...
आपको पता है मम्मी पापा के बाल खींचती है ?
जादू

: अच्‍छा ।

सच्‍ची ।

क्‍यों खींचती हैं

sagarnahar: पापा बाजार से सामान नहीं लाते ना इसलिये
जादू :

अंकल रूकिए मैं जरा आता हूं ।

एक जरूरी काम करने जा रहा हूं

sagarnahar: पापा और मम्मी को डाँटने.. अच्छा डाँट आओ
जादू: अरे नहीं अंकल मैं छूछू करने जा रहा हूं । बाय बाय ।



तो ये थी सागर अंकल से मेरी चैट । आपको कैसी लगी ज़रूर बताईयेगा । अब मैं चला, श्रेया के बाल खींचने हैं ना मुझे ।

13 comments:

RAJIV MAHESHWARI said...

हार्दिक शुभ कामनाएं !
अच्छा है अंदाज़े-बयाँ।

रंजन said...

इतनी बातें... जादू कभी हमसे भी बात कर लो.. वैसे मुझे लग रहा है तुम्हारे id से कोई और मौज ले रहा है.. देखो जरा पासवर्ड किसे बताया था..

और सागर अंकल से कहो एक अच्छी सी लोरी सुनाये अपने ब्लोग पर.. खास जादू के लिये..

प्यार..

संगीता पुरी said...

वाह !! इत्‍ती सी उम्र और इतनी बातें !!

रचना said...

jaadu beta ji kisi kae saath apni personal chat ko net par nahin daaltey haen

dhaer saarey payaar kae saath

Anonymous said...

jadoo bade qute ho tum. aur likhte rahena.

Udan Tashtari said...

ठीक है फिर हम इन्तजार करते हैं मम्मी पापा का..वैसे चाचा को तो हम जान ही गये हैं. :)

सागर अंकल गाना नहीं सुनाये?

Suneel R. Karmele said...

vaah bachchu bahut dino dikhai nahi diye, aaj apne blog par dikh hi gaye. id mili to socha chalo mulakat kar hi le. milenge to phir fight hogi. kyon. jadoo bhanje. HAMESHA HASTE RAHO.

Suneelrkarmele.blogspot.com

PD said...

kitta bolte ho jadoo bete? muh me dard nahi hota hai itta bolne se??
aur nayi vali kavita(are vahi Kavita vale mamoo ki kavita) sabhi ko kab padhva rahe ho?? nahi to comment me hi kho kar rah jayega.. :)

‘नज़र’ said...

वाह भई, यह तो ख़ूब रही
---
विज्ञान । HASH OUT SCIENCE

सैयद | Syed said...

वाह वाह... मज़े हो रहे हैं.... आम का स्वाद कैसा लगा :)

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey said...

और सुनाओ सागर अंकल की चैट। और समीर अंकल की चैट में भी पिटने वाला कुछ हो तो वो भी!

mahashakti said...

jaadu ko subhkamnaye

सागर नाहर said...

किट्टा, किट्टा , किट्टा
पूरी चैट सबको बता दी ना, जाओ अब हम आपसे बात नहीं करेंगे.. हम आपकी चाची से पिटते हैं यह सब को क्यों बताया?
अब देखो हम भी आपकी सारी बातें सबको बता देंगे,... यह भी कि जादूजी इत्ते बड़े यानि तीन महीने के हो कर अब तक नैपी गीली करते हैं... बिस्तर में छु- छु करते हैं.. और .. और.. मम्मी पापा के कपड़े गन्ने करते हैं।
किट्टा- किट्टा- किट्टा.. देखो अब मनाना मत वर्ना मैं मान जाऊंगा।
:)
Love you Jadooji

जादू क्‍यों

हम हैं जादू के मम्‍मी-पापा ।
'जादू' अपनी मुस्‍कानें लेकर आया है हमारी दुनिया में ।
हम चाहते हैं कि ये मुस्‍कानें हम दुनिया के साथ बांटें ।

जादुई दिन

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