20 July 2009

बताईये ! अख़बार पढ़ा जाये, चाटा जाये या खाया जाए

कल मैंने ब्‍लॉग-जगत में अपना पहला क़दम रखा और आप सभी का आर्शीवाद और प्‍यार मिला मुझे । मुझे उम्‍मीद है कि आप इसी तरह से मुझे दुलराते रहेंगे । कल संडे था । मेरे पास बहुत सारी फुरसत थी । जब मैं अपनी 'मेल' चेक कर रहा था तो अचानक सागर अंकल ऑनलाइन आ गये और उन्‍होंने मुझसे खूब लंबी चैट की । किसी दिन वो चैट मैं आपको ज़रूर पढ़वाऊंगा ।

हमारे घर में अखबार के जुनूनी लोगों की कमी नहीं है । IMG_1810 मेरे दादाजी और मेरी दादीजी भी रोज समय निकालकर अखबार जरूर पढ़ते हैं । एक दिन दादाजी कह रहे थे कि पापा जब छोटे थे तो अखबार पर बैठकर उसके अक्षर जोड़कर पढ़ते थे । मम्‍मी-पापा सब रोज कई-कई अख़बार बड़े शौक और ध्‍यान से पढ़ते हैं । ये देखो मेरे चाचा हफ्ते भर के अखबार पढ़ रहे हैं । लगता है उन्‍हें पूरे हफ्ते टाइम नहीं मिला था अखबार पढ़ने का । मेरे पापा भी ऐसा ही करते हें । बल्कि अगर आज का अख़बार आज नहीं पढ़ पाए तो कल उसमें से अपने काम की खबरें पढ़ते हैं । तो मैंने सोचा कि मैं क्‍यों पीछे रहूं । इसलिए जैसे ही कल मुझे थोड़ा-सा वक्‍त मिला मैंने सोचा कि चलो अखबार पढ़ने का काम निपटा दिया जाए । फिर क्‍या था, मैंने जो किया वो आपके सामने है ।

टाइम्‍स ऑफ इंडिया में हिलेरी क्लिंटन के भारत आने की खबर में मेरी बहुत दिलचस्‍पी थी । मैंने ये खबर खूब ध्‍यान से पढ़ी । times crop 2फिर बारी आई नवभारत टाइम्‍स की । हिंदी अख़बार पढ़ना तो ज़रूरी है ना । हिंदी राष्‍ट्रभाषा जो है हमारी । तो जो अख़बार सामने दिखा मैंने फौरन उठा लिया । nbtफिर मुझे लगा कि इस अख़बार में से तो अच्‍छी-सी गंध आ रही है । ज़रूर इसका टेस्‍ट मज़ेदार होगा । मैंने सोचा चुपके से क्‍यों ना इसे भी 'चख' लिया जाए ।
eating paperपर मम्‍मी-पापा ने मुझे अख़बार ज्‍यादा चखने नहीं दिया । शायद ये खाने की चीज़ नहीं होती । अच्‍छा चलता हूं  । बहुत भुख्‍खू लगी है । मैं तो चला दुध्‍धू पीने । मम्‍मी !!!!!!!!!!!!!

  


आपने आज का अख़बार तो पढ़ा है ना ।



11 comments:

रंजन said...

आज तो नहीं पढा.. जादू ने पढ़वा दिया.. thank you

प्यार..

रचना said...

pehlae aadi ab jaadu
blog jagat ki nayee peeddhi
waah mast haen

सैयद | Syed said...

Aaj ki taja khabar kya hai:)

रंजना [रंजू भाटिया] said...

आते ही दुनिया की खबर वाह खूब अच्छे :)

PD said...

Are.. Jadoo betoo to bahut padhaku lag rahe hain.. :)

SELECTION & COLLECTION SELECTION & COLLECTION said...

बहुत चचल मन के प्राणी हो भाई!

आपसे मिलकर मुझे भी मेरा बच्चपन याद आ गया। पर बेटा क्या करे हमारे समय मै यह ब्लोग ब्लोग का खेल था ही नही। नही कोई इतनी सारी आन्टीयॉ खेलाने आते ना आन्टा खेलाने आते। वास्तव मे आप तो लकी है जो नेट के जमाने मे हुऐ।

आभार/शुभकामानाऐ

हे प्रभु यह तेरापन्थ

मुम्बई टाईगर

Udan Tashtari said...

वाह भई जादू..टाईम्स ऑफ इंडिया खाने के चीज नहीं है बच्चे. आप दूध पिओ और मस्त रहो..

सागर नाहर said...

सच्ची बताओ जादूजी,
अखबार पढ़ रहे थे या हिलेरी जी को उनकी बेटी के लिये अपना रिश्ता जोड़ने के लिये खुश करने की कोशिश कर रहे थे, सच्ची बताना।
:)

सागर नाहर said...

और हां चैट में कई सारे राज खुले थे जैसे पिटाई वाला मामला आदि.... क्या सब कुछ बता दोगे?
:(

ashishdeolia said...

जादू जी आपका ब्‍लॉग हमें बहुत पसंद आया । आपके नालायक पिताजी कभी आपको लेकर दिल्‍ली आएंगे इसकी उम्‍मीद हमें कम ही है इसलिये ब्‍लॉग के जरिये ही आपसे मुलाकात होती रहेगी । इधर आपसे थोडा सा बडे मगर हद से ज्‍यादा शैतान जुडवां भाई आपके चाचू का तेल निकालने में लगे हैं। थोडी सी अक्‍ल इनको भी देना भाई ।

gaurav said...

soooo cute..!!!!!!!!!!

जादू क्‍यों

हम हैं जादू के मम्‍मी-पापा ।
'जादू' अपनी मुस्‍कानें लेकर आया है हमारी दुनिया में ।
हम चाहते हैं कि ये मुस्‍कानें हम दुनिया के साथ बांटें ।

जादुई दिन

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