19 July 2009

मैं हूं आपका नटखट‍ दोस्‍त- जादू ।

लो मैं आ गया । मेरा मतलब मैं 'जादू' ब्‍लॉगिंग की दुनिया में आ गया । आप सोच रहे होंगे कि भला 'जादू' भी कोई नाम हुआ । अरे भई छब्‍बीस फरवरी 2009 को जब मैं पैदा हुआ था तो मेरे बबलू चाचू ने पहले ही दिन देखकर कहा था--'अरे ये तो जादू है' । उन्‍हें मैं फिल्‍म 'कोई मिल गया' के 'जादू' की तरह cute जो लगा था । उसके बाद परिवार के सभी लोग मुझे 'जादू' ही कहते हैं । वैसे मेरा एक असली नाम भी है, जो मैं आपको आगे चलकर कभी बताऊंगा । पहले ज़रा ये तो देखिए कि इस दुनिया में आने के बाद मैंने अपनी कौन-सी अदा सबको दिखाई थी ।  jaadoo first dayदरअसल मैं बहुत पहले ही अपना ये चिट्ठा शुरू करना चाहता था । पर क्‍या है ना कि इस दुनिया में आने के बाद मैं ज़रा 'बिज़ी' हो गया था । अब देखिए ना...कितने सारे काम करने पड़ते हैं मुझे । ये रही मेरे कामों की लिस्‍ट:
1. पॉटी और शूशू करना ।
2. दुध्‍धू पीना ।
3. मालिश करवाना
4. नहाना
5. हाथ-पैर हिला-हिलाकर खेलना jadoo rona
6. टॉनिक पीना
7. जब मरज़ी हो तो मुस्‍कुराना
8. खूब सारा सोना
9. और जब मन ना लगे तो ज़ोर-ज़ोर से रोना । ये देखिए मैं कैसे रोता हूं । वैसे रोना मुझे ज्‍यादा पसंद नहीं है । पर वो क्‍या है ना, कि मुझे जब टॉनिक और दवा पिलाई जाती है तो मुझे पसंद नहीं आता ( मुझे मम्‍मी-दुध्‍धू के अलावा कुछ पसंद नहीं है ना ) इसलिए मैं रोता हूं और सब मुझे चुप कराते हैं, तो बड़ा मज़ा आता है । अरे हां...ऊपर मैंने जो अपने कामों की लिस्‍ट दी है ना, उसमें कई काम छूट गए हैं । मैं अख़बार भी पढ़ता हूं । अपने झुनझुनों से खेलता भी हूं । और खूब गुनगुनाता भी हूं । लेकिन गुनगुनाना मैं अपनी एक अलग भाषा में करता हूं ।

अब देखिए ना इत्‍ता सारा लिखने के बाद मैं थक गया हूं । ये देखिए कित्‍ती नींद आ रही है । IMG_2781 तो अब मैं चलता हूं । लेकिन वादा करता हूं कि रोज़ आपको अपनी ख़बर देता रहूंगा ।
संडे है ना । मुझे दिन-भर सोना है । आप ज़रूर बताईये कि आपको मेरा ब्‍लॉग कैसा लगा । टा टा बाय बाय ।

21 comments:

श्यामल सुमन said...

चित्र के साथ बात कहने का अंदाज पसंद आया। लिखते रहिये।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com
shyamalsuman@gmail.com

अफलातून said...

आप बहुत प्यारे लगे ।

रंजना [रंजू भाटिया] said...

बहुत क्यूट :)

. said...

संजय अंकल का मेल आया ही । उनकी टिप्‍पणी छपी नहीं ।
चेक चेक । टिप्‍पणी बॉक्‍स चेक चेक 1 2 3 4 । चेक चेक ।

Abhishek Mishra said...

Swagat hai Jadu :-)

उन्मुक्त said...

जादू जी, आपका स्वागत है।

सैयद | Syed said...

जादू जी, आपकी बातें अच्छी लगी.... रोज़ मिला करेंगे अब आपसे

अजित वडनेरकर said...

खुशामदीद...

सागर नाहर said...

आपका स्वागत है जादू जी। बड़े क्यूट हो भई आप तो।
सदा ऐसे ही मुस्कुराया करो।

Arvind Mishra said...

हलो जादू !

Udan Tashtari said...

बहुत क्यूट :)....स्वागत है जादू .

बालसुब्रमण्यम said...

ढेर सारा प्यार, जादू!

विकास कुमार said...

baaki sab to theek hai bhai,...lekin ye mail me 'uncle' kyun likh diya?

बी एस पाबला said...

वाह भई

स्वागत है आपका।
आपका जनमदिन भी हमने जोड़ लिया है।

RA said...

With love and blessings to you little Jadoo.

mastkalandr said...

GOD bless you little cute jadoo.. mk

PD said...

कल तुम्हारे पापा को बहुत दिनों बाद रेडिओ पर सुना.. भई बस मजा आ गया..

ये तो जादू कि नगरी लग रही है.. हर तरफ जादू ही जादू.. वैसे बचपन भी किसी जादू से कम होता है क्या? आज पापा-मम्मी को एक और जादू दिखाना.. बोलना कि मैं जादू से पीडी चाचू के घर जा रहा हूं चेन्नई.. और सीधे चेन्नई आ जाना उड़ कर.. :)

आशीष खण्डेलवाल (Ashish Khandelwal) said...

अरे वाह जादू... तुम्हारा स्वागत है यहां..

Anonymous said...

हम सबके प्यारे-प्यारे जादू !
अपने मम्मी-पापा की दुनिया में आये तुम्हें अभी छ: महीने भी नहीं हुए और तुम इस ब्लॉगिंग की दुनिया में भी आ गये !! अच्छा लगा । यहाँ भी तुम्हारा बहुत-बहुत स्वागत !!!

अब आगे हम क्या कहें ? ज़्यादातर तो और लोग कह ही चुके हैं ।
हाँ ,बात बार-बार दुनिया या संसार की हो रही है,तो आज हम इसी पर तुम्हें एक गीत सुनाते हैं ,जो हमें एक चिडि़या ने सुनाया था। बहुत पहले सुनाया था न, सो बहुत ठीक से याद तो नहीं,लेकिन कु्छ इस तरह था :

सबसे पहले अण्डे जैसा मेरे घर का था आकार,
तब मैं यही समझती थी कि बस इतना सा है संसार ।

फिर मेरा घर बना घोंसला नन्हें तिनकों से तैयार,
तब मैं यही समझती थी कि बस इतना सा है संसार ।

फिर मैं बाहर आयी फुदकी नन्हीं शाखों पर सुकुमार,
तब मैं यही समझती थी कि बस इतना सा है संसार ।

फिर मैं खुले गगन में पहुंची उड़ी दूर तक पंख पसार,
तभी समझ में मेरी आया बहुत बड़ा है यह संसार ।

संसार में तुम्हारी प्रसिद्धि को भी इसी तरह पंख लगें,इसी शुभकामना और स्नेह के साथ,

हम हैं

अरे "वही" ; और कौन ?

संगीता पुरी said...

बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

मनीषा पांडे said...

मेरे प्‍यारे जादू को बहुत ढेर सारा प्‍यार और एक प्‍यारी सी पप्‍पी।

जादू क्‍यों

हम हैं जादू के मम्‍मी-पापा ।
'जादू' अपनी मुस्‍कानें लेकर आया है हमारी दुनिया में ।
हम चाहते हैं कि ये मुस्‍कानें हम दुनिया के साथ बांटें ।

जादुई दिन

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